लातेहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मतदान किया

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लातेहार विधानसभा में 61.26 और मनिका में 57.61 प्रतिशत लोगों ने वोट दिया 

लातेहार:

चुनाव बहिष्कार की आशंकाओं को ख़ारिज करते हुए लातेहार के दूरदराज़ के नक्सल प्रभावित ग्रामीण इलाकों में काफी संख्या में ग्रामीणों ने मतदान में भाग लिया। सुबह से ही शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता विशेष रूप से महिलाएं मतदान केंद्रों पर कतारबद्ध दिखे। 

लातेहार जिले में कुल 59.43 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट किया। लातेहार विधानसभा सीट पर यह आंकड़ा 61.26 प्रतिशत और मनिका विधानसभा सीट पर 57.61 प्रतिशत था। मतदान के शुरुआती आंकड़े हालाँकि 2014 के विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत की तुलना में थोड़े कम हैं। 2014 में लातेहार में यह आंकड़ा 66.17% और मनिका में 59.77% था। अंतिम आंकड़े आने तक मतदान प्रतिशत बढ़ने की संभावना है।

ज़िले के अधिकांश हिस्से में मतदान शांतिपूर्ण होने की सूचना है। हालाँकि कहीं कहीं इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की कुछ खराबी के कारण मतदान शुरू होने में देरी हुई या शुरुआत के बाद कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हुई।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस उम्मीदवारों के साथ लातेहार और मानिका विधानसभा सीटों पर कड़ी टक्कर में फंसे हैं। लातेहार जिले में कुल 679 मतदान केंद्र बनाये गए थे।


मतदान के दौरान लातेहार जिले में 5505 शारीरिक रूप से अक्षम मतदाताओं में से 4362 मतदान के लिए बूथ पर पहुंचे। जिला प्रशासन ने उन्हें मतदान केंद्रों पर लाने के लिए विशेष व्यवस्था की थी और मतदान अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि उन्हें प्रतीक्षा न कराया जाय। 

लातेहार के डीसी जीशान क़मर ने कहा, “मतदाताओं प्रतिशत के बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि डेटा अभी भी अपडेट किया जा रहा है। माओवादियों के प्रभाव वाले इलाकों में भी मतदाताओं ने निर्भीक होकर मतदान किया। यह लोकतंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ”

बता दें कि शनिवार शाम को लातेहार में स्थानीय सरकारी पॉलिटेक्निक में स्थापित स्ट्रांग रूम में 116 मतदान केंद्रों की ईवीएम जमा की जाएगी। जबकि बाकी मतदान केंद्रों से ईवीएम मशीनों को भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के निर्देश के अनुसार रविवार को जिला मुख्यालय लाया जाएगा।




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