झारखंड में कोरोना वायरस के भय से 14 अप्रैल तक स्कूल, काॅलेज बंद

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखण्ड विधानसभा में सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में उठाये जा रहे क़दमों की जानकारी दी 

रांची :

कोरोनावायरस के संक्रमण के भय को लेकर झारखंड सरकार ने 17 मार्च से 14 अप्रैल तक राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग सेंटर, मल्टीप्लैक्स, सिनेमा हॉल, म्यूजियम और पार्क को बंद रखने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को विधानसभा में कोरोनावायरस से बचने को लेकर राज्य सरकार द्वारा उठाए गए एहतियाती क़दमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रांची समेत सभी प्रमंडलों में आईसोलेशन वार्ड की स्थापना की जाएगी और कोरोना वायरस जांच के लिए सेंटर बनाएं जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि एहतियातन झारखंड में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग सेंटर, मल्टीप्लैक्स, सिनेमा हॉल, म्यूजियम और पार्क को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने बताया कि जमशेदपुर में एमजीएम अस्पताल में कोरोना टेस्ट सेंटर ने काम करना प्रारंभ कर दिया है और राज्य के सभी प्रमंडलों में ऐसे सेंटर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिलों और प्रखंड मुख्यालयों में भी विशेष नजर रखी जा रही है। देश के कई राज्यों में राज्य के लोग काम करने जाते है, ऐसे लोगों के वापस लौटने पर उनके स्वास्थ्य जांच का निर्देश दिया गया है। राज्य के 300 चिकित्सकों और पारा मेडिकल कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।


कोरोना वायरस को लेकर 20 मार्च तक डॉक्टरों और पारा मेडिकल कर्मियों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी और रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में हेल्प डेस्क स्थापित किए जा रहे है। टिकट काटने के दौरान यात्रियों के मोबाइल नंबर भी लेने का निर्देश दिया गया है ताकि बाद में उनसे संपर्क किया जा सके।

उन्होंने बताया कि विदेशों से लौटे 400 लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है जिसमें से 175 लोगों में कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं पाया गया है और उन्हें छुट्टी दे दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी का रूप लेकर देश-प्रदेश में पहुंचा है, इससे बचाव के लिए सरकार पूरी तरह से गंभीर है और सारी स्थितियों पर नजर बनाये रखेंगे। सभी जिलों के उपायुक्तों को आईसोलेशन सेंटर बनाकर स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है और यदि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य जांच से इंकार करता है, तो पूर्व के कानून के मुताबिक उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

हेमंत सोरेन ने कहा, ’’धार्मिक स्थलों में उमड़ने वाली भीड़ को लेकर क्या निर्णय लिया जाए, इस पर फैसला लेने के लिए सभी से सुझाव आमंत्रित है, लेकिन राज्य सरकार यह अपील करती है कि भीड़ वाले स्थानों पर जाने से लोग बचे।’’

इससे पहले मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की ।




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