सतबरवा के गांवों में अंतिम सोमवारी पर निकली भव्य जलयात्रा

अंतिम सोमवारी के दिन पुत्रदा अमावस्या का बड़ा महत्व

सतबरवा के गांवों में अंतिम सोमवारी पर निकली भव्य जलयात्रा

सुनील नूतन/सतबरवा:

सावन मास के पवित्र महीने के अंतिम सोमवारी व शुक्ल पक्ष के पुत्रदा एकादशी के मौके पर पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में भव्य जलयात्रा निकाली गई।

इस जलयात्रा में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया ।खामडीह गांव के शिव मंदिर से सैकड़ों की संख्या में स्त्री -पुरुष नौजवान और बच्चों ने बाजे- गाजे धुन पर विशाल जलयात्रा में शामिल थे।


शिव मंदिर खामडीह गांव से निकाले गए जलयात्रा बोहिता सिवाना पर स्थित पुरनाडीह दोमुहान से श्रद्धालु भक्तों ने बोल बम.. हर हर महादेव.. के जयघोष के साथ अपने-अपने कलश में जल भरा और पुनः अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचे तथा शिव मंदिर खामडीह आकर भगवान शंकरदानी को जलार्पण की। वही बोहिता गांव के चरमरुवा पहाड़ पर स्थित शिवमंदिर में जुलूस के शक्ल में भगवान शंकर को जल अर्पित कर वरदान भी मांगा।

वही सतबरवा समेत आसपास के इलाकों में अंतिम सोमवारी होने के कारण मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों में उमड़ी। भगवान शंकर की पूजा अर्चना के बाद मनोवांछित फल के लिए श्रद्धालुओं ने वर मांगे। वही बोलता गांव के सामाजिक कार्यकर्ता वकील सिंह ने कहा कि भगवान शंकर की श्रद्धा पूर्वक पूजा अर्चना करने के बाद मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

अंतिम सोमवारी के दिन पुत्रदा अमावस्या का बड़ा महत्व है। इस दिन भगवान शंकर की भक्ति भाव से पूजा करने के उपरांत पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। देवो के देव महादेव सब का कल्याण करते हैं।मौके पर जल यात्रा के जुलूस में घनश्याम साहू ,बलराम साहू अनुज ठाकुर समेत सैकड़ों लोग शामिल थे।

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