औरंगा बांध विरोधी संघर्ष समिति ने पेड़ पौधे लगाने का लिया निर्णय

डूब क्षेत्र के 46 गांव के हजारों लोग दशकों से पर्यावरण को बचाने के लिए जल जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं

औरंगा बांध विरोधी संघर्ष समिति ने पेड़ पौधे लगाने का लिया निर्णय

सुनील नूतन/सतबरवा :

पलामू जिले के सतबरवा के चेतमा स्थित जतराटांड में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर औरंगाबाद विरोधी संघर्ष समिति से जुड़े 46 गांवों के मुख्य बैगा-पाहनों, ग्राम प्रधान और प्रमुख लोगों ने पांच-पांच पेड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया है। हालांकि चेतमा जतराटांड में हर साल लगने वाले मेला को आयोजन समिति के लोगों ने रद्द कर दिया है।

वक्ताओं ने कहा कि औरंगा बांध विरोधी डूब क्षेत्र के 46 गांव के हजारों लोग पर्यावरण को बचाने के लिए जल जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। 1988 में बांध विरोधी संघर्ष समिति का गठन किया गया था। चेतमा मेलाटांड़ में पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा, भारत जोड़ो अभियान के बाबा आमटे और बीडी शर्मा आ चुके हैं। उन लोगों ने बड़े बांध का विरोध कर कहा था कि पर्यावरण हम लोगों की संस्कृति का हिस्सा है।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरहूल तथा पर्यावरण दिवस पेड़-पौधे लगाकर संकल्प लेने का दिन है। नदियों को संरक्षित कर शुद्ध वातावरण तैयार करना प्रत्येक लोगों की प्राथमिकता होनी चाहिए। डूब क्षेत्र में सरना स्थल, मसना स्थल और अन्य धार्मिक स्थल हैं। जहां पर प्रकृति प्रकृति को बचाने की तालीम इसी जगह से मिलती है। पर्यावरण शुद्ध रहेगे,पेड़ों पौधे होंगे तो बारिश अच्छी होगी।

इसके पूर्व डूब क्षेत्र के महाबैगा सोहर सिंह, रोहित सिंह, बांध विरोधी संघर्ष समिति के नेता जितेंद्र सिंह, जमुना सिंह, पूरन सिंह, बिहारी परहिया, केश्वर उरांव, जमुना उरांव के द्वारा तीन जगहो पर स्थित देवस्थलों की पूजा पाठ पर मांदर की थाप पर की गई।

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