नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोलना एमएलसी को महंगा पड़ा, भाजपा ने किया निलंबित

अनुशासन के विरूद्ध बयान देने के कारण टुन्ना जी पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया

नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोलना एमएलसी को महंगा पड़ा, भाजपा ने किया निलंबित

पटना :

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और विधान पार्षद (एमएलसी) टुन्ना जी पांडेय को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार निशाना साधना महंगा पड़ गया। भाजपा ने शुक्रवार को एमएलसी पांडेय को निलंबित कर दिया। पार्टी ने उन्हें गुरुवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने बताया कि पार्टी ने अनुशासन के विरूद्ध बयान दिए जाने के कारण टुन्ना जी पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पांडेय को गुरुवार को भाजपा अनुशासन समिति के अध्यक्ष विनय सिंह के द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वे अपने पार्टी के नियमों के विरूद्ध पुन: बयान देकर यह सिद्ध कर चुके कि वे अपने आप को पार्टी के दिशा निर्देशों से ऊपर मानते हैं।

बिहार में भाजपा जदयू और अन्य दो पार्टियों के साथ सरकार में शामिल है। ऐसे में विधान पार्षद पांडेय ने मुख्यमंत्री को लेकर लगातार मोर्चा खोल रखा था। पांडेय के बयानों से भाजपा खुद को असहज महसूस कर रही थी।

भाजपा की अनुशासन समिति द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद ही कार्रवाई तय मानी जा रही थी।

पांडेय लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे थे। इसके बाद जदयू के नेताओं ने नाराजगी जाहिर की थी। पांडेय नीतीश कुमार को परिस्थतियों के मुख्यमंत्री भी बता चुके हैं।

इसी क्रम में बुधवार को राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के विलय होने के बाद जदयू में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय जायसवाल से बड़ा तल्ख सवाल किया।

भाजपा के विधान पार्षद टुन्ना जी पांडेय के एक ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए कुशवाहा ने भाजपा अध्यक्ष से सवाल करते हुए पूछा था कि अगर ऐसा बयान जदयू के नेता ने भाजपा के या उसके किसी नेता के बारे में दिया होता, तो अब तक... । इसके बाद उन्होंने रिक्त स्थान छोड रखा था।

इससे पहले विधान पार्षद पांडेय ने ट्वीट कर कहा कि नीतीश कुमार सत्ता तंत्र का दुरुपयोग कर मुख्यमंत्री बने हुए हैं।

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