सतबरवा - मलय नदी पर बना पुल एप्रोच रोड नहीं होने के कारण बेकार

लोगों को बगल के क्षतिग्रस्त छलका-पुलिया से होकर पड़ रहा है जाना

सतबरवा - मलय नदी पर बना पुल एप्रोच रोड नहीं होने के कारण बेकार

सुनील नूतन/सतबरवा :

पलामू जिला के सतबरवा में फागु सिंह घाट पर मलय नदी पर बना नया पुल एप्रोच रोड नहीं होने के कारण बेकार पड़ा है। इस पथ से गुजरने वाले लोगों को पूर्व में बने और अब क्षतिग्रस्त छलका-पुलिया से होकर जाना पड़ रहा है। 

मंगलवार की शाम में पांकी विधायक कुशवाहा डॉक्टर शशिभूषण मेहता और ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता देवसहाय भगत ने इंजीनियरों की टीम के साथ पुल से गुजरने के दौरान मामले के बारे में जानकारी ली।

विधायक शशिभूषण मेहता ने कहा कि पुल के ऊपर रैयती जमीन है। इस संबंध में जमीन के मालिक से जनहित को देखते हुए जमीन देने का आग्रह किया है ताकि पुल पर जाने का रास्ता सीधा हो सके।

वही बताया गया कि भू-धारक ने सोचने के लिए एक सप्ताह का वक्त मांगा है।

उन्होंने कहा कि पुल से होकर गुजरने के लिए एप्रोच पथ का अभाव है। पुल निर्माण में खराब किस्म का मेटेरियल उपयोग किया गया है। पूर्व विधायक के कार्यकाल में कई अनुपयोगी योजनाओं को बनाकर पैसे की निकासी की गई है। उन्होंने विभाग से संबंधित संवेदक पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है। कार्रवाई नहीं होने पर मामले को जांच के लिए लोकायुक्त से अनुरोध किया जाएगा।

मालुम हो कि इस मार्ग से जाने से पांकी, मेदिनीनगर, मनिका विस के साथ चतरा और बिहार के गया जिला की दूरी काफी कम हो जाती है। 

ईई ने बताया कि इस काम की कार्यकारी एजेंसी एचएसीएल है। पुल का काम फाइनल नहीं हुआ है। एक करोड रुपये से ज्यादा लागत राशि है। पांच साल पहले एग्रीमेंट हुआ है।

इस मौके पर ग्रामीण विकास के एई मो. दानिश, जेई गोपाल सुमन, पांकी विधायक के सतबरवा प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह चेरो, महेश यादव, लाला प्रसाद यादव, बच्चन ठाकुर मौजूद थे।

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