हार्वर्ड इंडिया कांफ्रेस में बोले सीएम हेमंत सोरेन, झारखण्ड में पर्यटन को लेकर कही ये बात 

झारखंड को अपने सफर में जहां पहुंचना था, वहां नहीं पहुंच सका

हार्वर्ड इंडिया कांफ्रेस में बोले सीएम हेमंत सोरेन, झारखण्ड में पर्यटन को लेकर कही ये बात 

रांची :

हार्वर्ड इंडिया कांफ्रेस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वह झारखंड को एक ऐसा राज्य बनाना चाहते हैं, जहां के जंगलों में नक्सलियों और पुलिस की गोलियों की जगह पर्यटकों के ठहाके गूंजे। 

सीएम ने कहा कि कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां प्रचुर मात्रा में खनिज हैं। वहां की स्थिति कई मायनों में खराब ही दिखी है. पर कई राज्य केवल पर्यटन के बल पर आगे बढ़ रहे हैं। खनिज के मामले में झारखंड आगे है, तो क्यों न पर्यटन को बढ़ावा दिया जाये। 

सीएम हेमंत ने कहा कि एक लंबे संघर्ष के उपरांत वर्ष 2000 में अलग राज्य का गठन हुआ। यह आदिवासी बहुल राज्य है। अलग राज्य की परिकल्पना इसलिए की गयी क्योंकि यहां के लोगों का विकास सुनिश्चित किया जा सके। लेकिन झारखंड को अपने सफर में जहां पहुंचना था, वहां नहीं पहुंच सका। अगर झारखंड और यहां के निवासियों का विकास होता है, तो भारत का भी विकास होगा। सीएम ने कहा कि हालांकि आजादी के तुरंत बाद देश में विकास की पहल इसी क्षेत्र से हुई थी। देश का पहला लाह संस्थान, उद्योग, खाद का कारखाना यहीं स्थापित हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण काल में श्रमिकों के प्रति अमानवीय चेहरा नजर आया। श्रमिकों के हित में काम करने की जरूरत है। झारखंड में उन्हें मनरेगा के तहत काम देने की पहल की गयी। यही वजह है कि संक्रमण काल में एक भी व्यक्ति की मौत भूख से नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल के इस संक्रमण काल में बहुत कार्य बाधित हुआ। लेकिन संक्रमण काल में हमने नई नीतियों का निर्माण किया।

उन्होंने कहा कि नयी खेल नीति ला रहे हैं। खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति का प्रावधान किया है। सभी जिला में जिला खेल पदाधिकारी की नियुक्ति की गयी। खेल की संभावना को सरकार करीब से देख रही है। झारखंड के महेंद्र सिंह धोनी को सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि 2021 को रोजगार का वर्ष घोषित किया गया है। पूरे साल नौकरी देने का कार्य किया जायेगा। सीएम ने कहा कि राज्य का कोई भी वृद्ध भूमिहीन न रहे, पेंशन से वंचित न रहे. इस दिशा में काम हो रहा है। 

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