सतबरवा पीएसएस में बिजली संकट से उपभोक्ता त्रस्त

आक्रोशित ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी

सतबरवा पीएसएस में बिजली संकट से उपभोक्ता त्रस्त

सुनील नूतन/सतबरवा:

पलामू जिला के सतबरवा पीएसएस से जुड़े गांवों में इन दिनों बिजली जी का जंजाल बन गया है। रात्रि में बिजली की विकट स्थिति से उपभोक्ताओं में त्राहि -त्राहि मची है।

बिजली के बिना लोग रात भर जागकर रहने को विवश हैं। लहलहे में रविवार को पंचायत समिति प्रतिनिधि सतीश कुमार के नेतृत्व में बैठक कर रणनीति भी बनाई गई है।


सतीश ने कहा कि अल्पवृष्टि का मार झेल रहे क्षेत्र के लोगों को अब विघुत विभाग ने जोर का झटका धीरे से देना प्रारंभ कर दिया है। सतबरवा में बिजली हटिया ग्रिड से भाया लातेहार होते हुए मिलता है।

पीएसएस कर्मियों ने बताया कि सतबरवा, मनिका और मटलौग पीएसएस में 15 मेगावाट के खपत के मुकाबले मात्र तीन मेगावाट बिजली तीनों फीडर को रात्रि में मिला था।

इंटक प्रदेश सचिव विवेकानंद त्रिपाठी ने कहा कि पोलपोल फीडर के छह पंचायतों के विद्युत उपभोक्ता विभाग को बिना बिजली जलाएं बिल भुगतान कर रही हैं। अभियान चलाकर विद्युत कनेक्शन कटाने का विचार किया जा रहा है। बिजली कटने के बाद लाईन मिलने के झंझट से उपभोक्ता दूर रहेंगे।

उन्होंने कहा कि लहलहे पावरग्रिड का जमीन हम रैयतों ने दी है आज पावर ग्रिड में बिजली जगमग 24 घंटे करता रहता है और हमारे क्षेत्र में अंधेरा होता है जो दिया तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ कर रही है।

वही बबलू तिवारी ,अनूप तिवारी, रिंकू चौधरी ,विष्णु तिवारी, आलमगीर खान, श्रीकांत, प्रदीप विश्वकर्मा ,उमा तिवारी ने बताया कि लहलहे पावरग्रिड कॉरपोरेशन पर सबसे पहले हम लोगों का बिजली पर अधिकार बनता है लेकिन हमें बिजली से महरूम कर दिया गया है। पावर ग्रिड के पास अनिश्चितकालीन धरना भी दिया जा सकता है।

 

कंपनी के करार के बाद यह निर्णय लिया गया था कि छह किमी के दायरे में नि:शुल्क बिजली तथा स्कूल, स्वास्थ्य ,शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के रखरखाव पर ध्यान देगे ।इसी के एवज में 20 एकड़ जमीन हमलोगों ने विभाग को दी थी।

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