महुआडांड़ में बकरीद का पर्व सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया

कोरोना के प्रकोप को देखते हुए सभी लोगो ने घरों में ही नमाज अदा की 

महुआडांड़ में बकरीद का पर्व सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया

शहजाद आलम/महुआडाड:

लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड में त्याग एवम समर्पण का त्योहार ईद उल अजहा (बकरीद) बुधवार को प्रखंड में कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया।

कोरोना के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन के द्वारा घर पर ही रहकर त्योहार मनाने को कहा गया था और सामूहिक रूप से नमाज अदा करने की मनाही थी।

साथ ही कोरोना संक्रमण के डर से किसी भी धार्मिक स्थल में सामूहिक रूप से भीड़ इकट्ठा न होने देने की हिदायत दी गई थी,जिसके कारण प्रखंड अंजुमन कमिटी ने सभी मुस्लिम धर्मावलंबी से आह्वान किया था कि घर में रहकर नमाज पढ़े और मोबाइल, सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रियजनों को ईद की मुबारकबाद दें जिसपर लोगो ने घर पर ही नमाज पढ़ा।

वही इस दरम्यान जामा मस्जिद, मदीना मस्जिद एवम गौशिया मस्जिद के इमाम ने अपने सहयोगियों के साथ मस्जिद में नमाज अदा करते हुए कोरोना से देश और दुनिया को मुक्त करने की दुआ भी की। वही नमाज के बाद लोगो ने अपने अपने घरों में बकरे की कुर्बानी भी की।

बताते चलें कि मुसलमान यह त्योहार कुर्बानी के पर्व के तौर पर मनाते हैं। इस्लाम में इस पर्व का विशेष महत्व है। इस्लाम मजहब की मान्यताओं के अनुसार पैगंबर हजरत इब्राहिम से ही कुर्बानी देने की प्रथा शुरू हुई थी।

कहा जाता है कि अल्लाह ने एक बार पैगंबर इब्राहिम से कहा था कि वह अपने प्यार और विश्वास को साबित करने के लिए सबसे प्यारी चीज का त्याग करें और इसलिए पैगंबर इब्राहिम ने अपने इकलौते बेटे की कुर्बानी देने का फैसला किया था।

कहते हैं कि जब पैगंबर इब्राहिम अपने बेटे को मारने वाले थे। उसी वक्त अल्लाह ने अपने दूत को भेजकर बेटे को एक बकरे(दुम्बे) से बदल दिया था। तभी से बकरीद अल्लाह में पैगंबर इब्राहिम के विश्वास को याद करने के लिए मनाई जाती है।

बकरीद के मौके पर क्षेत्र मे सुरक्षा के मद्देनजर एसडीपीओ राजेश कुजूर ने प्रखंड क्षेत्र के मुख्य चौक चौराहों एवं संवेदनशील स्थानों में घूम-घूम कर शांति व्यवस्था का जायजा लिया। वही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीपीओ राजेश कुजूर के निर्देशनुसार थाना प्रभारी असीम रजक के नेतृत्व में सुबह से ही पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया था एवं सुरक्षा के मद्देनजर मस्जिदों के पास एवम संवेदनशील स्थानों पर छोटी टुकड़ियां तैनात भी की गयी थी।

देश की अन्य खबरें