बात-बात पर गाली बकने वालों के लिए खुशखबरी

ऐसा करने से फ्रस्ट्रेशन होता है दूर, स्वस्थ रहता है दिमाग

ऑनलाइन डेस्क :

कई लोग बात-बात पर गालियां निकालते रहते हैं. ऐसे लोगों को हम हमेशा गंदा समझते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गाली निकालने से दिमाग स्वस्थ रहता है.

आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जो गाली तथा स्वास्थ्य से संबंधित हैं. अगर आपके ना चाहते हुए भी आपके मुह से गाली निकल जाती है, तो इसका मतलब यह है कि आपका दिमाग कई तरह के फ्रस्ट्रेशन को दूर करता है.

हम जाने अनजाने भी देते हैं गाली

कई बार हम हम जाने अनजाने भी गालियां देते रहते हैं. हम ना चाहते हुए भी BC, MC, चू**या, fu*k o*f आदि गालियां निकालते रहते हैं. हम अपने दोस्तों के सामने बिना किसी भी बात के गाली निकाल देते हैं. कई बार इससे आपके दोस्त नाराज भी हो जाते हैं. लेकिन अक्सर हमें गालियों निकालने के बाद कुछ सुकून मिलता है. हम इससे रिलेक्स फील करते हैं. जैसे दिल पर रखा बोझ हल्का हो गया है. 

कई बार हम गुस्से में गाली दे देते हैं, लेकिन साइंस ने प्रूव कर दिया है कि गाली देने से आप कुछ हद तक अपने गुस्से को कम कर पाते हैं. इससे आपका दिमाग तरोताजा रहता है. कीन यूनिवर्सिटी द्वारा की गई स्टडी में यह बात सामने आई है कि गाली बकने से हमारे दिल को सुकून मिलता है. गाली देने से हमारी परेशानियों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है.

यूनिवर्सिटी ने छात्रों के गाली देने पर की रिसर्च

यूनिवर्सिटी ने कुछ छात्रों के गाली देने पर रिसर्च की. स्टूडेंट्स के हाथों को इस दौरान अत्यधिक ठंडे पानी में डाला गया. जो छात्र इस प्रक्रिया के दौरान गाली दे रहे थे, वो अपना हाथ ज्यादा देर तक पानी में डाले रखने में सफल रहे. जबकि जो छात्र गाली नहीं दे रहे थे उन्होंने थोड़ी देर में ही अपना हाथ पानी से बाहर खींच लिया.

हालांकि हम जब बचपन में गलती से किसी को गाली दे देते थे. तो मांं-पापा हमारी जमकर पिटाई करते थे. तब किसी को साला और बे बोल देना भी गाली के बराबर होता था. आज वक्त बदल गया है और हम कई तरह की गालियों का खुलेआम इस्तेमाल करते हैं. यहां तक कि कई बार हम ख़ुशी का इजहार करते समय भी अपने दोस्तों को गालियां दे देते हैं.

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