स्वस्थ आंखों के लिए बेहद जरूरी है बार-बार पलकें झपकना

पलके कम झपकने की वजह से आंखों में ड्राई आई सिंड्रोम होने की संभावना रहती है.

ऑनलाइन डेस्क :

स्वस्थ आंखों के लिए बार-बार पलकें झपकना बेहद जरूरी हैं. क्या आप जानते हैं कि अगर हमारी पलकें कम झपकती हैं, तो हमारी आंखों के लिए यह काफी खतरनाक है. पलके कम झपकने की वजह से आंखों में ड्राई आई सिंड्रोम होने की संभावना रहती है.

क्‍यों झपकती हैं पलकें?

पलके झपकना आंखों के लिए बहुत जरूरी है. क्या आप जानते हैं कि आखिर पलकें झपकती क्यों है. हमारी आंखें एक मिनट में कितनी बार झपकती हैं, शायद ही आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया होगा. हर व्यक्ति की अलग-अलग स्थिति और व्यवहार के दौरान अलग-अलग गति से पलकें झपकती हैं.

आंखों के रेटीना और लेंस पर नमी बनाए रखने की वजह से हम सबकी पलकें झपकती हैं. पलके झपकने के पीछे एक और बड़ा विज्ञान छिपा है. एक रिसर्च के अनुसार, जब हमारे दिमाग को आराम की जरूरत होती है, तो पलकें झपकती हैं. इसका मतलब यह हुआ कि पलकें झपकना हमारे दिमाग का एक छोटा सा आराम करने का तरीका है.

बता दें कि कंप्यूटर और टीवी का ज्यादा इस्तेमाल करने वालों की पलकें कम झपकती हैं. दरअसल, टीवी और कंप्यूटर पर लोग एकाग्रिचत होकर एक ही जगह अपनी आंखों को केंद्रित करते हैं. इस कारण टीवी और कंप्यूटर पर काम करने के दौरान पलकें कम झपकती हैं.

स्वस्थ आंखों की पुतलियां ज्यादातर गिली होती हैं. पुतलियों में एक खास तरह का लिक्विड होता है. यह हमारी आंखों में ल्युब्रिकेंट की तरह काम करता है. पलकें जब झपकती हैं, तो ये ल्युब्रिकेंट हमारी आंखों की पुतलियों में फैलता रहता है. आंखों की पुतलियों पर इससे नमी बनी रहती है. अगर आपकी पलकें कम झपकती हैं, तो इससे ल्युब्रिकेंट आपकी आंखों में सही तरह से नहीं फैलता. इसी कारण आंखों में सूखापन आ जाता है, इसे ड्राई आई सिंड्रोम कहा जाता है.

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