घोटाले के आरोपी पंकज मिश्रा को सीआइपी में कराया कराया गया भर्ती, जाने क्यों 

रिम्स के डॉक्टरों ने नशे के आदी मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि को सीआईपी, रिनपास या किसी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करने की सलाह दी थी

रांची :

झारखंड में अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले रैकेट के किंगपिन पंकज मिश्र को कांके स्थित मशहूर मानसिक आरोग्यशाला सीआईपी (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री) में दाखिल कराया गया है। पंकज मिश्र इंजेक्शन से नशा करने का आदी है।

मालूम हो कि ईडी ने उसे विगत 19 जुलाई को गिरफ्तार किया था। रांची के बिरसा मुंडा जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद 30 जुलाई को उसे रिम्स में दाखिल कराया गया था। रिम्स के मेडिकल बोर्ड ने पाया कि वह नशे के लिए हर रोज फोर्टविन नामक इंजेक्शन लेता था। उसे बीते 30 नवंबर पहले ही रिम्स ने डिस्चार्ज कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद वह रिम्स के पेइंग वार्ड में ही टिका था।


रिम्स के डॉक्टरों ने उसे सीआईपी, रिनपास या किसी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करने की सलाह दी थी। 30 नवम्बर को ही पुलिस की टीम पंकज मिश्रा को लेने गई थी, पर उसने वहां से जाने से इनकार कर दिया था। सोमवार को पुलिस ने उसे जबरन सीआईपी पहुंचाया।

सीआइपी में मनोचिकित्सक उसका इलाज करेंगे। पंकज मिश्रा को फोर्टविन नामक जो इंजेक्शन लेने की लत है,वह एक सिंथेटिक नारकोटिक दवा है और इसका उपयोग डॉक्टर ऑपरेशन से पहले मरीज को हल्की बेहोशी के लिए करते हैं। पंकज हर रात सोने से पहले यह इंजेक्शन लेता रहा है।

बता दें कि पंकज मिश्र को साहिबगंज जिले के बरहेट विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपना प्रतिनिधि मनोनीत कर रखा था। ईडी ने अवैध खनन के जरिए अर्जित राशि की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में विगत आठ जुलाई पंकज मिश्र के साहिबगंज स्थित आवास और उनके सहयोगियों के बरहेट, राजमहल, मिर्जा चौकी और बड़हरवा पर 19 ठिकानों पर छापामारी की थी। इस दौरान 5.34 करोड़ रुपये नकद और कई दस्तावेज बरामद किये गये थे।

बाद में जांच के दौरान ईडी ने पंकज मिश्र और उनके प्रमुख सहयोगी दाहू यादव सहित अन्य के 37 बैंक खातों में जमा 11.87 करोड़ रुपये जब्त कर लिये थे। इस मामले में पूछताछ के बाद बीते 19 जुलाई को पंकज मिश्र को गिरफ्तार कर लिया गया था।

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