जानिए हम क्यों चलते हैं नींद में

नींद में चलने वाले व्यक्ति को सुबह उठने पर कुछ याद नहीं रहता.

ऑनलाइन डेस्क :

बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जिन्हें नींद में चलने की बीमारी होती है. वह सोते रहते हैं और अचानक से उठकर चलने लगते हैं, इस दौरान उन्हें यह भी नहीं पता होता कि वह कहां जा रहे हैं? कई बार इसकी वजह से लोग किसी बड़े दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं.

अगर आपको भी नींद में चलने की बीमारी है तो हमारा यह आर्टिकल आपके बड़े काम का है.

क्यों होती है नींद में चलने की बीमारी?

क्या आपने कभी सोचा है या फिर जानने की कोशिश की है कि ऐसा क्यों होता है? दरअसल, जिन लोगों को नींद में चलने की आदत होती है. अगर आप उनसे सुबह उठने पर रात की घटना के बारे में पूछेंगे तो उन्हें कुछ याद नहीं रहता है. बता दें कि दिमाग में दो तरह के कैमिकल्स होते हैं. इसमें एक सोते समय और दूसरा उठते समय बनता है. इन दोनों कैमिकल्स का जब संतुलन बनता है तभी हमें नींद आती है.

यदि इन दोनों कैमिकल्स में से कोई भी एक डिस्टर्ब हो जाए तो लोग नींद में चलना शुरू कर देते है. इस समय उनका शरीर एक्टिव हो जाता है लेकिन वह फिर भी नींद में रहते हैं. ज्यादातर लोग गहरी नींद 'नॉन रैपिड आई मूवमेंट' में चलते हैं. इसका संबंध हमारी याद्दाश्त से नहीं होता. इसी कारण नींद में चलने वाले व्यक्ति को सुबह उठने पर कुछ याद नहीं रहता.

हो सकता है भारी नुकसान

यदि कोई व्यक्ति नींद में चलता है तो आप उसे जगाएं नहीं. यदि आप उसे नींद में उठाने के लिए झकझोरेंगे तो हो सकता है कि वह अग्रेसिव हो जाए. इसके अलावा वह मार-पिटाई भी कर सकता है, क्योंकि तब वह डीप स्लीप में होता है. इस समय उसे लगेगा कि कोई उस पर हमला कर रहा है. डॉक्टर्स कहते हैं कि इस बीमारी का इलाज पूरी तरह संभव है. कई बार नींद में चलने वाली व्यक्ति किसी दुर्घटना का शिकार हो जाता है.

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