पति-पत्नी के हाथ की ये रेखा बनती है झगड़े की वजह

मनुष्य के जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव के लिए मनुष्य के हाथ की रेखाएं भी काफी हद तक जिम्मेदार होती हैं

ऑनलाइन डेस्क :

हस्तरेखा विज्ञान ज्योतिष शास्त्र की एक लोकप्रिय विधा है. हस्त रेखा के जरिए किसी व्यक्ति के भूत, भविष्य और वर्तमान की जानकारी दी जा सकती है. भारतवर्ष में हस्तरेखा विज्ञान को महत्वपूर्ण माना जाता है.

हस्तरेखा विज्ञान में विवाह की रेखा को विवाह के लिए बहुत आवश्यक माना गया है. सामुद्रिक शास्त्र मानता है कि जातक के हाथ में विवाह रेखा दो प्रकार की होती है. एक ऊपर की ओर दूसरी नीचे की ओर. ये रेखा आगे जाकर हृदय रेखा की ओर मुड़ती है या कनिष्ठा उंगली की ओर मुड़ती है.


दोनों ही स्थितियों में जातक के वैवाहिक जीवन को प्रभावित करती हैं. इस विषय अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं पंडित जी .

विवाह के पश्चात पति और पत्नी एक दूसरे के पूरक होते हैं. दांपत्य जीवन सुखी और सफल तब बनता है, जब दोनों आपसी सामंजस्य से जीवन व्यतीत करते हैं, लेकिन कभी-कभी पति और पत्नी दोनों के बीच कुछ परिस्थितियों को लेकर मनमुटाव की स्थिति बनने लगती है. हस्तरेखा विज्ञान मानता है कि वैवाहिक जीवन में तनाव के लिए हाथ की रेखाएं भी जिम्मेदार हो सकतीं हैं.

हस्तरेखा विज्ञान के मुताबिक यदि व्यक्ति की विवाह रेखा नीचे की ओर हृदय रेखा की तरफ आए तो पति-पत्नी के बीच तालमेल नहीं रहता. कई बार इस स्थिति में विवाह हो जाने के बाद पति-पत्नी के बीच वैचारिक मतभेद होने लगते हैं, लेकिन यदि विवाह रेखा हृदय रेखा को छुए तो पति-पत्नी के बीच स्वास्थ्य कारणों से कलह की स्थिति बनती है. यह रेखा जितना नीचे की तरफ जाएगी, व्यक्ति को उतने ही नकारात्मक परिणाम झेलने पड़ सकते हैं.

यदि किसी महिला के बाएं हाथ की मस्तिष्क रेखा और हृदय रेखा एक हो तो ऐसे में महिला का अपने पति के साथ विचार नहीं मिलेंगे. यदि स्त्री की जीवन रेखा और भाग्य रेखा साथ-साथ हो तो भाग्य रेखा को राहु रेखा काटती हुई नजर आएगी तो भी स्त्री के जीवन में उसका पति उसकी हर बात काटेगा. ऐसे में पति अपनी पत्नी की बातों को तवज्जो नहीं देता है.

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