नाग देव की नाराजगी तबाह कर देती है घर की सारी धन-संपत्ति

यदि नाग देवता नाराज हो जाएं तो माता लक्ष्‍मी भी रूठ जाती हैं

ऑनलाइन डेस्क :

आप सभी को ये जानकारी जरूर होगी की माँ लक्ष्मी धन - दौलत की देवी और नाग देवता धन की रक्षा करते है.

मां लक्ष्‍मी की कृपा पाने के लिए नाग देवता को प्रसन्‍न रखना बहुत जरूरी है इसलिए खजानों के साथ नाग मिलने की कई कथाएं प्रचलित हैं. ज्‍योतिषाचार्य की जानकारी के अनुसार नाग देवता की पूजा करने से कभी धन की कमी नहीं रहती .

पुराने ज़माने में कई राजा-महाराजा ऐसे हुए हैं जिन्‍होंने नाग मंदिर बनाए और उनके वंशजो ने पीढ़ी दर पीढ़ी नाग उपासना की परंपरा को जारी रखा. 


जो लोग नाग देवता को नाराज करते है उनका जीवन बर्बाद तो होता ही है साथ ने . ऐसे जातक को पूरी जिंदगी पैसों की तंगी झेलनी पड़ती हैं और विरासत में मिली संपत्ति तक नष्‍ट कर बैठते हैं. क्‍योंकि नाग देवता की नाराजगी मां लक्ष्‍मी की कृपा नहीं होने देती हैं. ऐसे में जरूरी है कि नाग देवता की नाराजगी दूर करने के उपाय कर लेना चाहिए . 

यदि कोई व्‍यक्ति अपने इस जन्म में या पिछले जन्‍म में नाग को नुकसान पहुंचाता है तो उससे नाग देव नाराज हो जाते हैं. वहीं उनकी नाराज़गी काल सर्प दोष के तौर पर सामने आती है. इसके अलावा नाग देव यदि रूठ जाएं तो व्‍यक्ति के शरीर में टॉक्सिंस की मात्रा बढ़ जाती है.

परिवार के लोग में बार-बार फूड पॉइजनिंग की समस्या बानी रहती हैं. उन्‍हें ऐसे जख्‍म होते हैं जो ठीक होने का नाम नहीं लेते हैं. सर्प दंश का शिकार हो सकते हैं, घर में बार-बार सांप निकलने लगते हैं या सपने में अक्‍सर सांप दिखाई देते हैं. कैंसर राहु के कुप्रभाव के कारण होता है और राहु नाग का फन हैं. नाग की नाराजगी कैंसर तक का कारण बन सकती है.

नाग देव की भाव के साथ विशेष पूजा करना सबसे उत्‍तम माना गया है. इसके लिए नवनाग मंत्र का जाप 9 बार करें. तब उसकी गिनती एक मानी जाती है क्‍योंकि एक बार नवनाग मंत्र पढ़ना एक नाग देवता की आराधना करना है. नाग पंचमी की विशेष पूजा के दिन नवनाग मंत्र का जाप जरूर करें.

नवनाग मंत्र 

अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलं।
शन्खपालं ध्रूतराष्ट्रं च तक्षकं कालियं तथा।।
एतानि नव नामानि नागानाम च महात्मनम्।
सायमकाले पठेन्नीत्यं प्रातक्काले विशेषतः।।
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्।

नागपंचमी के दिन चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा शिवलिंग पर अर्पित करें. कभी भी नाग को नुकसान ना पहुंचाएं, ना ही सताएं. सुगन्धित चीज़ो जैसे चंदन, साबुन, इत्र का उपयोग करने से नाग की नाराजगी का असर कम होता है.

नाग देवता की आराधना करने के बाद उनसे अपनी गलती के लिए क्षमा प्रार्थना करे कि यदि पिछले जन्‍म में भी नाग देवता को नुकसान पहुंचाने की गलती हुई हो तो माफ करें.और हमारे परिवार पर अपनी कृपा बनाये।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Info Way 24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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