मलय डैम को पर्यटन स्थल घोषित, लोगों ने पलामू किला मेला को पर्यटन स्थल घोषित करने की रखी मांग 

जिला परिषद् सदस्य सतबरवा के नेतृत्व में एक प्रनिधिमंडल ने पलामू डीसी को दिया साधुवाद और रखी यह मांग 

मलय डैम को पर्यटन स्थल घोषित, लोगों ने पलामू किला मेला को पर्यटन स्थल घोषित करने की रखी मांग 

सुनील नूतन/सतबरवा :

पलामू जिला प्रशासन ने सतबरवा प्रखंड में मुरमा-दूलसुलमा गांव स्थित मलय डैम को पर्यटन स्थल की सूची में शामिल कर लिया है। अब लोगों ने सतबरवा प्रखंड के रबदा टोला फुलवरिया में कोयल नदी के तट राजा मेदिनीराय की याद में लगने वाले दो दिवसीय पलामू किला मेला को पर्यटन क्षेत्र के सूची में शामिल करने की मांग की है।

इस सम्बन्ध में जिला परिषद सतबरवा श्रीमती चिंता देवी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल में पलामू के डीसी शशिरंजन से मिलकर मांग की है। जिला परिषद सदस्य ने डीसी को मलय डैम को पर्यटन सूची में शामिल करने के लिए साधुवाद भी दिया है।

डीसी को सौंपे आवेदन में चिंता देवी ने बताया है कि पलामू किला झारखंड राज्य के लोगों का हृदय स्थली है। प्रमंडल के लाखों लोगों का पलामू और उससे जुड़े चेरो वंशीय शासकों के साथ गहरा लगाव होता है। इस मेले में हजारों लोग चेरो वंशजों के महान प्रतापी राजा के बनाए गए पलामू किला मेला मैदान फुलवरिया में राजा मेदनी राय के शासनकाल के दौरान बनाए गए पुरातन नीलकंठ महादेव मंदिर, कमलदह झील का अवलोकन करने हजारों की संख्या में सैलानी पहुंचते हैं । 

उन्होंने सतबरवा के रबदा के फुलवरिया में राजा मेदिनीराय के याद में लगनेवाला आदिवासी समुदाय के दो दिवसीय मेला को पर्यटन सूची में शामिल करने का आग्रह किया है। इस मौके पर उपायुक्त पलामू से मिलने वालों में सतबरवा के सांसद प्रतिनिधि मनीष कुमार, दुलसूलमा पंचायत समिति सदस्य मनोज सिंह, डॉ. रविंद्र सिंह, भाजपा अजजा प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री अवधेश सिंह चेरो शामिल थे।

देश की अन्य खबरें