सिस्टर अभया मर्डर केस: उम्रकैद की सजा, 28 साल लगे फैसला आने में

सबूत मिटाने के लिए सात सालों की जेल और कॉन्वेंट में गैर-अधिकृत तरीके से घुसने के लिए भी उम्रकैद की सजा मिली है।

ऑनलाइन डेस्क :

केरल के सिस्टर अभया मर्डर केस (Sister Abhaya Murder Case) में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

आपको बता दें कि मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने 28 साल पुराने इस केस में एक पादरी थॉमस कोट्टूर और एक नन सिस्टर सेफ को दोषी करार दिया था। बुधवार को इन दोनों को उम्रकैद की सजा सुना दी गई। इस मामले में अन्य आरोपी फादर जोस पुथ्रीक्कयील को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है



दोषियों पर 5-5 लाख रुपए का जुर्माना

अदालत ने दोनों दोषियों को धारा 302 के तहत उम्रकैद के साथ 5-5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वही, सबूत मिटाने के लिए सात सालों की जेल और कॉन्वेंट में गैर-अधिकृत तरीके से घुसने के लिए भी उम्रकैद की सजा मिली है।

क्या है पूरा मामला?

ये पूरा मामला मार्च 1992 का है, जब 21 साल की नन अभया की लाश सेंट पायस कॉन्वेंट के एक कुंए से मिली थी। शुरुआत में तो पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था, लेकिन बाद में सीबीआई की जांच में हत्या की बात सामने आई थी। सिस्टर अभया कोट्टयम के BCM कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और कॉन्वेंट में रहती थी। सीबीआई ने मामले की जांच 29 मार्च 1993 को अपने हाथ में ली और तीन क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी और कहा था कि यह हत्या का मामला है, लेकिन अपराधियों का पता नहीं चल सका है।

 

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