मनिका-बंदुआ रोड का खस्ता हाल, पैदल चलना हुआ मुहाल

दर्जनों गांवों तक जाने का मुख्य रास्ता है मनिका-बंदूआ पथ

मनिका-बंदुआ रोड का खस्ता हाल, पैदल चलना हुआ मुहाल

कौशल किशोर पांडेय/मनिका:

मनिका प्रखंड के मनिका बंदुआ पथ के खस्ता हाल के कारण लोगों को पैदल चलना मुहाल हो गया है। सड़क में गड्ढा है या गढ्ढे में सड़क पता नहीं चलता है। लोग जान हथेली पर रखकर हजारों हिचकोले खाकर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं।

प्रखंड के जुंगुर, पल्हेया, बंदूआ, डोंकी ,जान्हों,बरबैया कला पंचायत के दर्जनों गांव के लोगों को हर दिन इसी जहमत भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है।


यही नहीं यह पथ मनिका पांकी प्रखंड के कई गांवों को जोड़ता है। एक तरह से मनिका प्रखंड का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग में से एक है। सबसे अहम खबर है कि नाम पर सिर्फ पक्की सड़क काली सड़क कहीं नहीं दिखाई पड़ती है। सड़क पर हर जगह बड़े बड़े गढ्ढे बने हैं।

सड़क के इसी गढ्ढे से बचते बचाते भगवान के नाम पर प्रतिदिन टेंपू,सवारी गाड़ी,बस,बाइक आदि से हजारों लोग जान जोखिम में डालकर गुजरते हैं।बावजूद इसके न तो स्थानीय विधायक और न ही प्रशासन इसके प्रति गंभीर है।

गुरुवार को जिला सांसद प्रतिनिधि लव कुमार दुबे,मंडल अध्यक्ष अजीत कुमार,पूर्व जिप सदस्य महेश सिंह,मंडल महामंत्री मंदीप कुमार,दिनेश प्रसाद,ललू साव समेत कई लोगों ने स्थानीय विधायक और सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की।

सांसद प्रतिनिधि ने कहा कि झारखंड के हेमंत सरकार बिल्कुल पंगु हो गई है।सरकार जनता के साथ छलावा और गद्दारी कर रही है।उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक भी इस पथ के प्रति गंभीर नहीं हैं।हजारों जनता इस पथ से जलालत भरी यात्रा करने को विवश है।उन्होंने कहा कि रोड का सर्वे पूर्व विधायक हरिकृष्ण सिंह के कार्यकाल में ही हो गया था।

 

इसके बावजूद वर्तमान निकम्मी सरकार जनता को जहन्नुम में भेजने को तैयार है।ग्रामीण ललू साव बताते हैं कि प्रत्येक दिन बाइक, टेंपू आदि दुर्घटनाग्रस्त हो जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या पर ध्यान देने वाला कोई नहीं है।

ग्रामीणों ने डीसी से खस्ताहाल को अविलंब बनवाने की मांग की है। मौके पर अनेक लोग उपस्थित थे।

देश की अन्य खबरें