लातेहार में आदिवासियों ने कार्तिक उरांव को याद किया

कहा कार्तिक उरांव आदिवासी सरना संस्कृति के महारक्षक थे 

लातेहार में आदिवासियों ने कार्तिक उरांव को याद किया

बीरेंद्र प्रसाद/लातेहार :

लातेहार में आदिवासी समुदाय के लोगों ने सरना संस्कृति के संरक्षण में अतुलनीय योगदान के लिए कार्तिक उरांव को याद किया। सदर प्रखंड के हेठ बेसरा गांव में रविवार को बाबा कार्तिक उरांव की जयंती धूमधाम से श्रद्धा भक्ति के साथ मनाई गई।

इस अवसर पर जिला पहड़ा राजा परमेश्वर भगत ने कहा कि कार्तिक बाबा हम लोग के लिए वरदान थे। उन्होंने अथक प्रयास से हमारी संस्कृति की रक्षा के लिए जनमानस को जागृत किया।

लातेहार में आदिवासियों ने कार्तिक उरांव को याद किया

गरीब और निःसहाय शोषित समाज की रक्षा के लिए राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा

जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव ने बताया कि कार्तिक उरांव ने देश और विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से डिग्रियां लेकर भी गरीब और निःसहाय शोषित समाज की रक्षा के लिए राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा। आदिवासियों की रक्षा के लिए लोकसभा से लेकर ग्रामसभा तक आवाज बुलंद की।

वहीं जिला परिषद सदस्य आशा देवी ने बताया कि कार्तिक बाबा नहीं होते तो हमारी कुड़ुख भाषा साहित्य संस्कृति पर संकट आ जाता। मौके पर पांडेयपुर मुखिया त्रिशुला देवी, पंचायत समिति शांति देवी, राजेश उरांव, संजय उरांव, सुरेश उरांव, प्रकाश उरांव, विश्वनाथ उरांव, किरानी उरांव, विश्वनाथ, भिखारी उरांव सहित अन्य मौजूद थे। 

 

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