घटना का शिकार व्यक्ति किसी भी थाने में करा सकता है जीरो एफआईआर

सीआरपीसी की धारा 154 के तहत पुलिस के लिए फौरन एफआईआर दर्ज करना आवश्यक है

घटना का शिकार व्यक्ति किसी भी थाने में करा सकता है जीरो एफआईआर

डालटनगंज :

घटना का शिकार व्यक्ति अगर अपनी शिकायत संबंधित थाने में दर्ज नहीं करा पाता है तो वैसी परिस्थिति में अपनी शिकायत की जीरो एफआईआर दूसरे थाने में भी दर्ज करा सकता है।

उक्त बातें रिमांड अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने कही। उन्होंने बताया कि संबंधित थाना क्षेत्र में अपराध नहीं हुआ है तब भी दूसरे थानाप्रभारी को पीड़ित की शिकायत दर्ज कर लेना अनिवार्य है। थाना प्रभारी के द्वारा शिकायत की दर्ज करने के बाद संबंधित थाना को भेजा जाएगा।


उन्होंने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने एक फैसले में कहा है कि भले ही अपराध किसी भी क्षेत्र में हुआ हो लेकिन पुलिस अधिकारी क्षेत्र के आधार पर एफआईआर दर्ज कराने से मना नहीं कर सकती है। पुलिस को हर हाल में पीड़ित व्यक्ति का एफआईआर दर्ज करना पड़ेगा। अपराध किसी भी थाना क्षेत्र अंतर्गत घटित हुआ है।

 

उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी शिकायत लेकर थाने में पहुंचता है जिसका वास्ता घटनास्थल से नहीं है तो भी पुलिस को शिकायतकर्ता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एफआईआर करनी पड़ेगी। शिकायत दर्ज करने में देरी को लापरवाही मानी जाएगी। गंभीर किस्म के अपराध में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य होता है। अपराधिक मामलों में सीआरपीसी की धारा 154 के तहत पुलिस को फौरन एफआईआर दर्ज करना आवश्यक है।

 

अपराध का शिकार हुआ व्यक्ति उसका कोई रिश्तेदार, दोस्त अथवा घटना का चश्मदीद व्यक्ति मामला दर्ज करा सकता है। पुलिस कानूनन किसी को एफआईआर दर्ज कराने से मना नहीं कर सकती।

उन्होंने बताया कि कई बार देखने और सुनने को मिलता है कि पुलिस पीड़ित व्यक्ति को घटना से संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करने को कहती है। परन्तु ऐसी बाध्यता नही है। किसी के साथ अगर घटना गंभीर किस्म का है तो एफआईआर दर्ज कराते समय घटना की तारीख, समय तथा आरोपी का उल्लेख जरूर करें। एफआईआर दर्ज हो जाने के बाद मूल कॉपी थाने से भुक्तभोगी जरूर प्राप्त कर लेंगे।

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