सरकारी पुलिस कर्मी को लाभुक बनाकर मनरेगा योजना से 27 हज़ार रुपये की निकासी

डीसी के द्वारा बड़ी कार्रवाई के बाद भी गारू में मनरेगा में सुधार नहीं हो रहा है

सरकारी पुलिस कर्मी को लाभुक बनाकर मनरेगा योजना से 27 हज़ार रुपये की निकासी

पारस यादव/गारू : 

लातेहार जिले के गारू प्रखंड में एक बार फिर मनरेगा घोटाला प्रकाश में आया है। इस बार सरकारी पुलिस कर्मी को लाभुक बनाकर मनरेगा योजना के माध्यम से लगभग 27000 रुपये की निकासी हुई है।

बताते चलें कि, फिलहाल कोडरमा जिले में कार्यरत झारखण्ड पुलिस कर्मी रमेश यादव के नाम पर मनरेगा योजना टीसीबी निर्माण के नाम पर 27000 रुपये की फर्जी निकासी कर लिया गया है।

जानकारी के अनुसार वितीय वर्ष 2020-21 में यह योजना बारेसांढ़ पंचायत के द्वारा फर्जी स्वीकृति मिली थी। इसका योजना कोड 7080901443582 है। तत्कालीन पंचायत सचिव महेश मुंडा द्वारा जांच के बाद योजना को रोकने का आदेश दिया गया था।

लेकिन उसके पश्चात तत्कालीन पंचायत सेवक महेश मुण्डा सहित 36 मनरेगाकर्मी पर घोटाले के आरोप लग जाने के कारण इन्हें कार्य मुक्त कर दिया गया था। बाद में वित्तीय वर्ष 2021-22 में ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ ) और बिचौलिया के मिलीभगत से मास्टर रोल संख्या 3587, 3588 और 4478 के माध्यम से 27000 रुपये की निकासी करके बंदरबाँट कर लिया गया।

पूर्व पंचायत सेवक बारेसांढ़ महेश मुण्डा नें बताया कि, सरकारी नौकरी वाला लाभुक की जानकारी मिलते ही मैं काम को रोक दिया था और हमारे कार्यकाल के दौरान निकासी नहीं हुई है।

गारू मनरेगाकर्मी एक बार फिर विवाद में, बीपीओ में लगा गंभीर आरोप

गारू में मनरेगा कर्मी इस बार फिर विवाद पर है, पिछले ही वर्ष लातेहार उपायुक्त द्वारा बड़ी कार्रवाई के बाद मनरेगा में सुधार होने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं इस बार लाभुक द्वारा योजना स्वीकृत के नाम पर जेई, एई तथा बीपीओ वसूली करते नजर आ रहे हैं। रोजगार सेवक सह प्रभारी बीपीओ कमलेश सिंह पर गंभीर आरोप लग रहा है।

सिक्योर आईडी से योजना छोड़ने के नाम पर एक हजार रुपये माँगा बीपीओ

बारेसांढ़ ग्राम पंचायत के टीसीबी योजना के लाभुक अविनाश प्रसाद नें बताया कि, ग्राम सभा के द्वारा उनके नाम पर टिसीबी योजना का चयन किया गया था। पंचायत पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्टर होने के बाद भी स्वीकृत करने के नाम पर बीपीओ ने एक हजार रुपये का मांग किया। और अभी तक उक्त राशि नहीं दिए जाने की वजह से उसका योजना को स्वीकृति नहीं मिल पाई है।

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