घर से दूर हॉस्टल या पीजी में रहने वाली लड़कियां फॉलो करें ये सेफ्टी टिप्स

भारत में नेशनल इमरजेंसी नंबर- 112, पुलिस- 100, वुमन हेल्पलाइन नंबर- 1091 को फोन में सेव कर सकती हैं

ऑनलाइन डेस्क :

कई बार पैरेंट्स को न चाहते हुए भी अपनी बेटियों को पढ़ाई या काम के सिलसिले में घर से दूर हॉस्टल या पीजी में भेजना पड़ता है. माता-पिता बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते ही हैं. इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें खान-पान का ध्यान न रख पाना, हेल्थ से जुड़ी समस्या या महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध जैसी वजहें शामिल हो सकती हैं.

ऐसे में माता-पिता अपनी बेटियों की सेफ्टी को लेकर किसी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहते हैं. अगर आप भी पीजी या हॉस्टल में रहती हैं या आपकी बहन, बेटी या कोई दोस्त घर से दूर रहती है तो आप उन्हें कुछ जरूरी सेफ्टी टिप्स बता सकते हैं.


पीजी या हॉस्टल में रहने के सेफ्टी टिप्स

अपना कमरा लॉक करें

हॉस्टल या पीजी में रहने वाले कई लोगों की शिकायत होती है कि उनका सामान चोरी हो गया. ज्यादातर मामलों में ऐसा तब होता है जब किसा से या रूममेट से रूम का दरवाजा खुला रह जाए. जरा सी देर में चोर कीमती सामान चुरा लेता है. जब भी आप कमरे में अकेली हों और आपको कहीं जाना हो तो सुनिश्चित करें कि कमरा बंद है.

इमरजेंसी नंबर रखें याद

क्या आपको एम्बुलेंस, पुलिस या फायर सर्विस का इमरजेंसी नंबर याद है? आपको अगर इमरजेंसी नंबर्स के बारे में नहीं पता तो जरूर जान लें. वुमन हेल्पलाइन नंबर भी अपने फोन में रखें. भारत में नेशनल इमरजेंसी नंबर- 112, पुलिस- 100, वुमन हेल्पलाइन नंबर- 1091 को फोन में सेव कर सकती हैं.

अपने फ्लोरमेट्स और रूममेट्स को जानें

आप जिस पीजी या हॉस्टल में रह रही हैं या रहने वाली हैं, वहां अपनी रूममेट या अपने रूम के आसपास वाले रूम्स में रहने वाली लड़कियों के बारे में जरूर जानने की कोशिश करें. उनके स्वभाव और परिवार के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी होनी जरूरी है.

संदिग्ध लोगों को पहचानें

कई बार हॉस्टल में चोरी करने वाले या तो हॉस्टल में रहने वालों के संदिग्ध दोस्त होते हैं. अगर आपको किसी की हरकतों पर शक है या आपको लगता है कि आपके हॉस्टल में कोई ऐसा है, जो आपकी सेफ्टी के लिए खतरा हो सकता है, तुरंत उसके बारे में अपने परिवार, हॉस्टल वार्डन को रिपोर्ट करें.

नियमों का पालन करें

हॉस्टल में रहने वाले लोगों के लिए अक्सर कुछ नियम बनाए जाते हैं, जिसमें समय से वापस आना, बाहर जाने का टाइम रजिस्टर में लिख कर जाना जैसे नियम शामिल होते हैं. इन्हें फॉलो करने में ही भलाई है.

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