चंदवा: घायल का इलाज कराने से हिंडाल्को कंपनी का इंकार !

परिजनों संग कामता पंसस सोमवार को देंगे धरना

चंदवा: घायल का इलाज कराने से हिंडाल्को कंपनी का इंकार !

दीपक भगत/चंदवा:  
हिंडाल्को कंपनी के वाहन से दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद वादाखिलाफी से नाराज घायल के परिजन और कामता पंसस सोमवार को धरना देंगे।

कामता पंसस अयूब खान ने एक प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि बेलवाही निवासी अब्दुल खान के पैर के घुटना की चकरी हिंडाल्को वाहन के घक्के से टूट गई। पहले तो कंपनी के पदाधिकारी संजय सिंह ने इलाज का सारा खर्च वहन करने की बात कही। अब इंकार कर रहे हैं।

 


सात हजार रुपये देने के बाद कंपनी प्रतिनिधि कहते हंै कि सात हजार रुपये से अधिक नहीं दे सकती। यदि कंपनी प्रतिनिधि को ऐसा ही करना था तो अस्पताल में एडमिट ही क्यों कराया था।  

क्या है मामला:

जानकारी के अनुसार दो फरवरी की पूर्वाहन बेलवाही निवासी अब्दुल खान के पैर की चकरी हिंडाल्को वाहन से दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद टूट गई थी। दुर्घटना के बाद कंपनी के एम्बुलेंस में प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया की गई। इसके बाद उसे चंदवा के एक निजी क्लिीनिक ले गए जहां उन्हे ंरांची ले जाने की सलाह दी गई। तब हिंडाल्को के एक पदाधिकारी संजय सिंह ने इलाज का खर्च कंपनी द्वारा वहन करने की बात कही। तत्परता दिखाते घायल को कंपनी के वाहन से देवकमल अस्पताल (रांची) में एडमिट कराया। एमआईआर जांच कराया गया। 3 फरवरी की दोपहर देवकमल अस्पताल (रांची) से घायल को छुट्टी कर दी गई।

बताया गया कि टूटे हुए स्थान पर सूजन आ गया है। सूजन कम होने में सप्ताह का समय लगेगा। उसके बाद ही इलाज हो सकेगा। संबंधित जानकारी हिंडाल्को कंपनी प्रतिनिधि को दी गई। घायल के अनुरोध पर उसे गुलमोहर अस्पताल रांची भिजवाया गया। गुलमोहर अस्पताल कर्मियों ने अब्दुल को एडमिट होने की सलाह दी। इसकी जानकारी हिंडाल्को कंपनी पदाधिकारी को दी गई। तब आयुष्मान कार्ड के इलाज कराने की बात कही गई। इस दौरान सात हजार रुपये इलाज में खर्च हुए। इसका भुगतान चकला कोल माइंस हिंडाल्को कंपनी द्वारा 4 फरवरी को कर दिया गया। अब राशि के अभाव में गुलमोहर अस्पताल में अब्दुल का इलाज थमने के कगार पर पहुंच चुका है। कंपनी द्वारा इलाज के लिए शेष राशि दिए जाने से इन्कार के बाद इलाज के साथ छह सदस्यीय परिवार के जीविकोपार्जन पर आफत आ गई है। कंपनी की वादाखिलाफी को लेकर कामता पंसस ने आगामी 6 फरवरी को धरना देने की घोषणा की है। 

कहते हैं कंपनी पदाधिकारी:

कंपनी पदाधिकारी संजय सिंह ने इस बाबत बताया कि कंपनी के लोहरदगा के वाहन से दुर्घटना होने की जानकारी मिली थी। मानवता दिखाते अबतक हुए इलाज का खर्च कंपनी पेमेंट कर चुकी है। आयुष्मान कार्ड से आपरेशन के लिए मरीज को कहा गया है। शेष राशि के भुगतान के लिए कंपनी ने कभी इंकार नहीं किया है। 

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