क्या आप भी चाय या जूस के साथ लेते हैं दवा

चाय में टैनिन होता है जो दवा में मौजूद इन्ग्रीडिएंडस के साथ मिलकर शरीर में केमिकल रिऐक्शन पैदा कर सकता है

ऑनलाइन डेस्क :

कुछ लोग दवाइयों लेते समय उसे चाय या जूस के साथ भी ले लेते हैं वैसे तो डॉक्टर हमेशा दवा को केवल सादे पानी के साथ ही लेने की राय देते हैं। लेकिन यह कॉमन प्रैक्टिस है जिसमें लोग दवा लेते वक्त चाय, जूस, ग्रीन टी जो भी हाथ में है उसके साथ ही दवा खा लेते हैं।

कुछ लोग तो दवा के कड़वे स्वाद से बचने के लिए भी उसे पानी की जगह जूस या चाय के साथ निगलते हैं। लेकिन क्या ऐसा करना सेफ है? एक र‍िसर्च में भी ये साबित हो चुका है क‍ि खट्टे फलों के साथ दवाईयों को लेना खतरनाक बताया है।



चाय के साथ दवा लेने पर दवा का असर हो जाता है कम

चाय में टैनिन होता है जो दवा में मौजूद इन्ग्रीडिएंडस के साथ मिलकर शरीर में केमिकल रिऐक्शन पैदा कर सकता है। इतना ही नहीं चाय-कॉफी के साथ दवा लेने पर दवा का असर भी कम हो जाता है और कई बार हो सकता है कि दवा असर ही न करे।

जूस के साथ भूलकर भी न लें दवा

अगर आप जूस के साथ दवा लेते हैं तो इसकी वजह से भी शरीर में कई तरह के रिएक्शन हो सकते हैं और साथ ही दवा का असर भी कम हो सकता है जिससे मरीज की रिकवरी की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। संतरा, सेब और अंगूर का जूस कैंसर की दवाओं के अलावा एंटीबायोटिक्स का असर भी कम कर देता है। एक शोध में पाया गया कि अंगूर के जूस के साथ दवा लेने पर केवल आधी दवा ही शरीर में जा सकी। जूस दवा को सोखने की क्षमता को कम कर देता है। अगर आप बीमार हैं और आपको जूस पीने की सलाह दी गई है तो जूस को अलग से पिएं, दवा के साथ नहीं। दवा खाने के कुछ देर पहले और कुछ देर बाद जूस न पिएं।

ग्रीन टी के साथ भी दवा न लें

ग्रीन टी के साथ भी दवा लेने से बचें। भले ही सेहत के लिए फायदेमंद हो लेकिन इसके साथ डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्राइब की गई किसी भी दवा का सेवन न करें क्योंकि ग्रीन टी में मौजूद कुछ तत्व खासकर कैफीन, दवा के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं और शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसल‍िए दवा को हमेशा सादे पानी के साथ लें।

 

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