यदि आपको भी खड़े होकर खाना खाने की है आदत तो तुरंत हो जाएं सावधान !

गंभीर बीमारियों का हो सकते हैं शिकार

ऑनलाइन डेस्क :

इस भागदौड़ भरी जिंदगी में कई बार हम इतने अधिक बिजी होते हैं कि हमें खाने-पीने की भी फुर्सत नहीं होती है. हम काम की जल्दबाजी में खाना खाना और नाश्ते करना भी छोड़ देते हैं. कई बार ऐसा होता है कि हम काम के दौरान भागते-दौड़ते खाना खाते हैं. यदि आप भी ऐसे लोगों में शामिल हैं, तो आपको तुरंत ही सावधान होने की जरूरत है.

भागते-दौड़ते खाना खाना आपकी सेहत के लिए भारी पड़ सकता है. अक्सर हमारे घर के बड़े-बुजुर्ग हमें बैठकर खाना खाने की सलाह देते हैं. इस सलाह के पीछे वैज्ञानिक कारण भी छुपे हुए हैं. बता दें कि चलने-फिरने पर ब्लड सर्कुलेशन प्राकृतिक रूप से हमारे हाथों-पैरों की ओर अपने आप ही मुड़ जाता है. इस दौरान जब हम खाना खाते हैं, तो जिस ब्लड की आवश्यकता हमारे पाचन तंत्र को होती है, वो हमारी बॉडी को पहुंच नहीं पाता.

आयुर्वेद में नीचे बैठकर खाने को दिए गए हैं तर्क

आयुर्वेद में भी कहा गया है कि हमेशा जमीन पर बैठकर ही भोजन करना चाहिए. आयुर्वेद के इस तर्क के पीछे भी वैज्ञानिक कारण है. दरअसल, बैठकर खाना खाने के दौरान मांसपेशियां सही स्थिति में होती हैं. वहीं बैठकर खाना खाने से कुछ एक्यूप्रेशर बिंदु ऐसे हैं, जिन पर दबाव पड़ने से आपके पूरे पाचन तंत्र का ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है.

इसके अलावा आप जब खाना खाते हैं, तो उस समय आपका पूरा ध्यान सिर्फ भोजन पर ही होना चाहिए. इसे ही माइंडफुल ईटिंग कहते हैं. ऐसा सिर्फ हम बैठकर भोजन करके ही कर सकते हैं. जमीन पर बैठकर भोजन करने को सुखासन की तरह देखा जाता है. इस आसन में खाना सेहत के नजरिये से बहुत फायदेमंद है. इससे मानसिक तनाव भी दूर होता है.

पाचन क्रिया होती है अच्छी

बैठकर भोजन करने से आपकी पाचन क्रिया बहुत अच्छी रहती है. इससे मोटापा, कब्ज, अपच, एसिडिटी जैसी पेट की बीमारियां नहीं होतीं तथा मन भी शांत रहता है. जब आप जमीन पर बैठते हैं तो इसके लिए आपको घुटने मोड़ने पड़ते हैं. इससे आपके घुटनों का भी व्यायाम हो जाता है. ऐसे बैठने से हड्डियों में मौजूद हवा निकल जाती है. इससे भोजन जल्दी पच जाता है, जिससे हृदय को कम मेहनत करनी पड़ती है.

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