अगर एक पैर पर नहीं खड़े रह पाते इतनी देर तो मौत का खतरा ज्यादा

रिसर्च में हुए चौंकाने वाले खुलासे

ऑनलाइन डेस्क :

आजकल लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होते जा रहे हैं। वैसे भी कहते हैं कि पहला सुख निरोगी काया। अपने स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए लोग सुबह जल्दी उठकर एक्सरसाइज, योगा इत्यादि करते हैं। साथ ही वे खान-पान का भी ध्यान रखते है।

अच्छी और लंबी जिंदगी के लिए मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होने के साथ शारीरिक रूप से भी मजबूत होना जरूरी है। हालांकि पिछले कुछ समय में युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सभी लोग ज्यादा समय तक जीने की इच्छा रखते हैं। हालांकि किसी को भी पता नहीं होता कि उसकी कितनी जिंदगी बची है।


एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है कि घर पर ही एक छोटे से टेस्ट से आप पता लगा सकते हैं कि आपकी कितनी जिंदगी बची है। आपने देखा होगा कई लोग एक्सरसाइज और योगा करते वक्त एक पैर पर बैलेंस बनाने की कोशिश करते हैं। हालांकि कई लोगों को एक पैर पर बैलेंस बनाने में काफी परेशानी आती है।

अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो सतर्क हो जाएं। एक रिसर्च में इस बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

बैलेंस टेस्ट से पता चलेगी कैसी है आपकी हेल्थ

पिछले दिनों ब्राजील में एक रिसर्च हुई, जिसमें बैलेंस टेस्ट के आधार के मौत की संभावना के बारे में बताया गया। ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में छपी रिसर्च के अनुसार, मध्यम आयु वर्ग और बुजुर्ग लोग जो 10 सेकंड के लिए एक पैर पर संतुलन नहीं बना सकते, उनकी मौत का खतरा 10 सालों में लगभग दोगुना बढ़ जाता है।

इस टेस्ट से आप भी अपनी हेल्थ के बारे में जान सकते हैं। वहीं एक अन्य शोध में पहले पता चला था कि जो लोग एक पैर पर खड़े होकर बॉडी को बैलेंस नहीं कर पाते, उनमें स्ट्रोक का खतरा काफी ज्यादा होता है।

टेस्ट में फेल हुए लोगों में मिली ये बीमारियां

इस बैलेंस टेसट रिसर्च के लिए यूके, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड और ब्राजील के एक्सपर्ट्स ने 12 साल तक एक स्टडी की। इस स्टडी में पता चला कि जो लोग इस टेस्ट में फेल हुए जांच में उनकी सेहत खराब पाई गई। 10 सेकेंड तक एक पैर पर बैलेंस न बना पाने वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज की समस्या ज्यादा पाई गई। साथ ही ऐसे लोगों में मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिसीज की शिकायत भी ज्यादा देखने को मिली।

रिसर्च में हुए ये खुलासे

इस रिसर्च में 51 से 75 साल के कुल 1702 लोगों को शामिल किया गया। यह रिसर्च साल 2008 से लेकर 2020 तक चली। स्टडी की शुरुआत में, सभी प्रतिभागियों को बिना किसी सहारे के 10 सेकंड के लिए एक पैर पर खड़े होने के लिए कहा गया।

इस दौरान प्रतिभागियों से एक पैर को दूसरे पैर के पीछे रखने के लिए और दोनों हाथों को साइड में रखने के लिए कहा गया। एक पैर पर खड़े होने के लिए उन्हें सिर्फ तीन मौके दिए गए। रिसर्च के दौरान 5 लोगों में से 1 व्यक्ति इस टेस्ट में फेल हो गया।

टेस्ट के बाद अगले 10 सालों के अंदर 123 लोगों की अलग-अलग कारणों से मौत हो गई। मरने वाले लोगों में ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा थी, जो इस टेस्ट को पास नहीं कर पाए थे। हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि स्टडी में कुछ सीमाएं थीं, जिसमें सभी प्रतिभागी ब्राजीलियाई थे, जिसका मतलब है कि स्टडी के नतीजे अन्य नस्ल और देशों पर पूरी तरह लागू नहीं हो सकते हैं।

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