महुआडांड़ के मस्जिदे गौसिया में पहली बार किया गया 17वां तरही मुशायरा का आयोजन

मुशायरे की शुरुआत कुरान शरीफ की तिलावत के साथ शुरू किया

महुआडांड़ के मस्जिदे गौसिया में पहली बार किया गया 17वां तरही मुशायरा का आयोजन

शहजाद आलम/महुआडांड़:

महुआडांड़ स्थित मस्जिदे गौशिया में पहली बार 17वां तरही मुशायरा का आयोजन मुफ्ती शब्बीर कादरी शहर औरंगाबाद के सरपरस्ती व डॉक्टर अमीन रहबर के सदारत में में किया गया।

मुशायरे की शुरुआत कुरान शरीफ की तिलावत के साथ शुरू किया गया। मुशायरे में मिशरा तरह था, जारी फैजान आपका फैजानी आली। इसी मिशरा तरह के अंदर सभी ने अपनी अपनी बातें रखीं। अमीन रब्बर साहब ने कहा जिन्हें गौसुलवारा कहते हैं सारे विलायत के हैं ओ सुल्ताने आली।


हाफिज बरकतुल्लाह साहब ने कहा अरब हो या अजम हर शम्त हर दम, है जारी आपका फैजाने आली। शोहरत औरंगाबादी ने कहा बनी जिनके लिए मखलूके बारी,जो पाए रब से इज्जे हम कलामी। शब्बीर शहर कादरी साहब ने कहा, थी मेरी जुस्तजू में खुद बुलंदी, जिसे अल्लाह ने मुझको अता की।

वहीं मुनव्वर सईद साहब ने कहा,ईसी दहलीज का बन कर शवाली शनद, मौकबूलियत की हमनें पा ली। समेत मुशायरे में अन्य अशआर भी पढ़े गए। जिसके बाद फातिहा खानी की गई और महफिले मुशायरा को समापन हुआ।

मौके पर मौलाना गुलाम सरवर चतुर्वेदी, मोहम्मद शहजाद आलम, प्रोफ़ेसर खुर्शीद आलम, जरीफुल्लाह अंसारी, फिरोज अंसारी, समेत मस्जिद के तलबा मौजूद थे।

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